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हरियाली अमावस्या आज, इन 6 पवित्र पेड़ों में से एक भी लगा लेंगे तो दूर हो सकती है दरिद्रता

Today Hariyali Amavasya: आज हरियाली अमावस्या पर आप इन 6 में से एक भी पवित्र पेड़ लगा लेंगे तो दरिद्रता खत्म हो जाएगी।

Today Hariyali Amavasya: आज श्रावण माह के कृष्णपक्ष की अमावास्या है। जिसे हरियाली अमावस्या के रुप में माना जाता है। इस दिन पेड़-पौधे लगाएं जाते हैं और उनकी पूजा भी की जाती है। वहीं देश में कई जगह इस त्योहार को मानाने की परंपराएं भी अलग-अलग हैं। हरियाली अमावस्या पर पवित्र पेड़-पौधे लगाने से वातावरण तो अच्छा होता ही है। इसके साथ ही भगवान भी प्रसन्न होते हैं। जिससे दरिद्रता और हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। पवित्र पेड़ों को घर के आसपास लगाने से सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है। इनसे हर तरह के रोग और दोष खत्म हो जाते हैं। इन पेड़ों से सकारात्मक उर्जा भी मिलती है।
कौन से पेड़ लगाएं – 
पीपल – हिंदू धर्म में पीपल की पूजा का विशेष महत्व है। इसमें ब्रह्मा विष्णु महेश का निवास माना जात है | सुबह-सुबह  इसमें धन की देवी लक्ष्मी का वास होता है | अमावस्या पर पितरो के लिए इसकी पूजा की जाती है। पीपल में जड़ से लेकर पत्तियों देवी- देवताओं का वास होता है और इसलिए पीपल को पूजनीय माना गया है।
बरगद या वटवृक्ष –  बरगद को वटवृक्ष कहा जाता है। हिंदू धर्म में वट सावत्री व्रत एक त्योहार पूरी तरह से वट को ही समर्पित है। पीपल के बाद बरगद का सबसे ज्यादा महत्व है। इन दोनों पेड़ो में ही त्रिदेवों का वास होता है।
 
बिल्व वृक्ष –  बिल्व अथवा बेल (बिल्ला) पवित्र पेड़ माना गया है। इस पेड़ उत्पत्ति के संबंध में ‘स्कंदपुराण’ में कहा गया है कि एक बार देवी पार्वती ने अपने ललाट से पसीना पोंछकर फेंका, जिसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर गिरीं, जिससे बेल वृक्ष उत्पन्न हुआ। इस पेड़ की जड़ों में गिरिजा, तने में महेश्वरी, शाखाओं में दक्षयायनी, पत्तियों में पार्वती, फूलों में गौरी और फलों में कात्यायनी देवी का निवास होता है। बिल्व वृक्ष भगवान शिव की आराधना का मुख्य अंग भी है। कहा जाता है कि बेल वृक्ष के कांटों में भी कई शक्तियां समाहित हैं। यह माना जाता है कि देवी महालक्ष्मी का भी बेल वृक्ष में वास है। जो व्यक्ति शिव-पार्वती की पूजा बेलपत्र अर्पित कर करते हैं, उन्हें महादेव और देवी पार्वती दोनों का आशीर्वाद मिलता है।
 
अशोक वृक्ष – अशोक वृक्ष को हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र और लाभकारी माना गया है। अशोक का शब्दिक अर्थ होता है किसी भी प्रकार का शोक न होना। मांगलिक एवं धार्मिक कार्यों में अशोक के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। अशोक वृक्ष घर में लगाने से या इसकी जड़ को शुभ मुहूर्त में धारण करने से मनुष्य को सभी शोकों से मुक्ति मिल जाती है। अशोक का पेड़ घर में उत्तर दिशा में लगाना चाहिए जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती रहती है। घर में अशोक का पेड़ होने से सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है एवं अकाल मृत्यु नहीं होती।
केले का पेड़ –  केले का पेड़ पवित्र माना जाता है और कई धार्मिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को केले का भोग लगाया जाता है। केले के पत्तों में प्रसाद बांटा जाता है। माना जाता है कि समृद्धि के लिए केले के पेड़ की पूजा अच्छी होती है। गुरूवार के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा में इस पेड़ के पत्ते काम में लिए जाते है |
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