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आतंकी मन्नान को शहीद घोषित करने पर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में बवाल

सेना से मुठभेड़ में मारे गए आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर एवं पूर्व छात्र मन्नान बशीर वानी को कुछ छात्रों ने शहीद घोषित कर नमाज ए जनाजा पढ़ने की कोशिश की तो बवाल हो गया। काफी तादात में सीनियर छात्र कश्मीरी छात्रों के विरोध में खड़े हो गए। सीनियर छात्रों के मुखर विरोध और प्रॉक्टोरियल टीम की सूझबूझ से एएमयू भारी बदनामी से बच गया।

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इस दौरान कश्मीर के कुछ छात्रों एवं प्रॉक्टोरियल टीम के बीच जमकर नोकझोंक हुई। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को दौड़ा कर भगा दिया। सीनियर छात्रों से भी कश्मीर के कुछ छात्रों की बहस भी हुई। अनुशासनहीनता के मामले में तीन छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं चार कश्मीरी छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सेना से मुठभेड़ में मन्नान वानी के मारे जाने की सूचना मिलने के बाद कश्मीर के छात्र गोलबंद होने लगे। देखते-देखते सोशल मीडिया पर ‘मन्नान भाई’ को शहीद घोषित कर साढ़े तीन बजे कैनेडी हॉल परिसर में नमाज ए जनाजा का आयोजन की सूचना दी गई। निर्धारित समय पर करीब 100-150 कश्मीर के छात्र जमा हो गए। प्रॉक्टोरियल टीम भी दल-बल के साथ कैनेडी हॉल के पास पहुंच गई थी।

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एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन सहित अन्य कई सीनियर छात्र भी वहां पहुंच गए। सीनियर छात्रों को अंदेशा हो गया था कि नमाज ए जनाजा के बाद एएमयू भी जेएनयू की तरह पूरे देश में बदनाम हो जाएगा। उन लोगों ने कश्मीर के छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यहां नमाज ए जनाजा नहीं पढ़ें। कुछ छात्र तो शांत हो गए लेकिन कुछ नमाज ए जनाजा की जिद पर अड़ गए। इसकी वजह से फैजुल हसन की कुछ कश्मीरी छात्रों से कहासुनी भी हो गई।

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फैजुल का कहना था कि जनाजे की नमाज पढ़ना है तो मन्नान के घर जाइए। खुदा के लिए यहां पर सियासत कर एएमयू का नाम बदनाम न करें। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि एएमयू के छात्र आतंकवाद का समर्थन नहीं करेंगे। बाद में कश्मीर के छात्रों ने बैठक कर अपने निर्णय से अवगत कराने की बात कही। कुछ देर बाद फिर कुछ छात्र नमाज ए जनाजा की जिद पर अड़ गए। प्रॉक्टर प्रो. मोहसिन खान वहां मौजूद थे। छात्रों की प्रॉक्टोरियल टीम से नोकझोंक हो गई। लाठी धारी सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को दौड़ा कर भगा दिया। एएमयू जन संपर्क विभाग के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि नमाज ए जनाजा नहीं पढ़ने दिया गया। अनुशासनहीनता के मामले में तीन छात्रों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही चार कश्मीरी छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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अफजल की फांसी के बाद एएमयू में पढ़ी गई थी नमाज ए गायबाना
संसद पर हमले के मास्टर माइंड अफजल गुरु की फांसी के बाद एएमयू में कश्मीरी छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी के बाहर नमाज ए गायबाना अदा की थी। कश्मीरी छात्रों ने अफजल गुरु को शहीद बताते हुए कैंपस में विरोध मार्च भी निकाला था। बाब-ए-सैयद पर सभा की गई थी। उस समय कश्मीरी छात्रों का दबाव इतना अधिक था कि किसी ने इसका विरोध नहीं किया था, जबकि इस बार एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है कि मन्नान वानी के मामले में छात्रों का एक समूह खुलकर कश्मीरी छात्रों के खिलाफ आ गया है।

सैनिक स्कूल और AMU में पढ़ा मन्नान बशीर, जानिए कैसे बना आतंकी?
स्कूल में एक उत्कृष्ट छात्र से कश्मीर का मॉस्ट वांटेड आतंकवादी बना मन्नान बशीर वानी उन शिक्षित युवाओं में शामिल है जो 2016 के बाद घाटी में आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए। वानी को सुरक्षा बलों ने गुरुवार को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पीएचडी का छात्र वानी इस साल जनवरी में आतंकवादी संगठन में शामिल हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जुटाई जानकारी के अनुसार वानी शुरू से एक प्रतिभाशाली छात्र था उसने मानसबल स्थित एक प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की थी। वानी को पढ़ाई के दौरान कई पुरस्कार भी मिले। घाटी में वर्ष 2010 में हुए विरोध

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